जमुई रेल हादसे का असर बरकरार, पटना–हावड़ा रूट 36 घंटे से बाधित, 17 ट्रेनें डायवर्ट और 13 रद्द
जमुई : जमुई जिले में हुए मालगाड़ी हादसे का असर सोमवार को भी साफ तौर पर देखने को मिला। पटना–हावड़ा रेल रूट पर आज भी ट्रेनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित रही। बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली और पश्चिम बंगाल जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन ने सोमवार को भी 17 ट्रेनों को डायवर्ट कर दिया, जबकि 13 ट्रेनों को पूरी तरह कैंसिल करना पड़ा।
दरअसल, शनिवार रात करीब 11:10 बजे जसीडीह–झाझा रेलखंड पर सीमेंट लदी एक मालगाड़ी पटरी में आई दरार के कारण डिरेल हो गई थी। आसनसोल से झाझा की ओर जा रही अप लाइन की इस मालगाड़ी के कुल 19 डिब्बे पटरी से उतर गए। इनमें से 10 डिब्बे रेलवे ब्रिज पर ही पलट गए, जबकि 9 डिब्बे नीचे बरुआ नदी में जा गिरे। यह मालगाड़ी पश्चिम बंगाल से सीतामढ़ी की ओर जा रही थी।
मालगाड़ी के गार्ड मुकेश कुमार पासवान और लोको पायलट कमलेश कुमार तृतीय ने बताया कि जैसे ही ट्रेन पुल पर चढ़ी, पीछे से जोरदार आवाज आई और कुछ ही सेकेंड में एक के बाद एक डिब्बे पटरी से उतरने लगे। हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, लेकिन रेल यातायात को भारी नुकसान पहुंचा है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, जिस स्थान पर रेलवे ब्रिज पर ट्रैक का जोड़ है, वहीं पटरी में दरार थी। सीमेंट से लदी भारी मालगाड़ी का दबाव पटरी सहन नहीं कर सकी, जिससे ट्रैक टूट गया। अप लाइन की पटरी उखड़कर डाउन लाइन की ओर मुड़ गई, जिससे दोनों रेल लाइनें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे के बाद बोगियां ट्रैक और आसपास के क्षेत्र में बिखर गई थीं।
घटना के बाद से रेलवे कर्मचारी और अधिकारी लगातार बहाली कार्य में जुटे हुए हैं। सोमवार सुबह से डिब्बों को हटाने और ट्रैक की मरम्मत का काम तेज कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन का दावा है कि स्थिति को जल्द से जल्द सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है, हालांकि अधिकारियों के अनुसार सोमवार शाम तक भी इस रूट पर रेल परिचालन प्रभावित रहने की संभावना है।
इस हादसे के चलते लंबी दूरी की यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को इंतजार, रद्दीकरण और डायवर्जन का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों ने रेलवे से बहाली कार्य में तेजी लाने और वैकल्पिक व्यवस्था बेहतर करने की मांग की है।

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