अपहृत चिकित्सक को पुलिस ने 6 घंटे में किया मुक्त, तीन आरोपी गिरफ्तार
जमुई/बिहार : राजीव रंजन
जमुई जिले के झाझा थाना क्षेत्र में अपहरण की एक बड़ी घटना को पुलिस ने बेहद त्वरित कार्रवाई से सुलझा लिया। पुलिस ने मात्र 6 घंटे के भीतर अपहृत ग्रामीण चिकित्सक डॉ० देवाशीष गांगुली को सकुशल बरामद कर लिया और मामले में तीन अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार करने में भी सफलता प्राप्त की।
कैसे हुआ अपहरण?
घटना 25 अगस्त की रात लगभग 8 बजे की है। तेलियाडीह गांव निवासी ग्रामीण चिकित्सक डॉ० गांगुली सहदेव यादव के घर से दूध लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान अज्ञात अपराधियों ने उनका अपहरण कर लिया। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
तुरंत सक्रिय हुई पुलिस :
घटना की सूचना पर झाझा थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने घटना को गंभीरता से लेते हुए एसडीपीओ राजेश कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। इस टीम में झाझा, बरहट और लक्ष्मीपुर थानों की पुलिस, जिला आसूचना इकाई एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल किए गए।
जंगल से सकुशल बरामदगी :
एसआईटी ने आधुनिक तकनीकी साक्ष्यों और CCTV फुटेज की मदद से अपराधियों की पहचान और लोकेशन का पता लगाया। इसके आधार पर तेतरिया जंगल में छापेमारी की गई, जहां से अपहृत चिकित्सक को सुरक्षित मुक्त करा लिया गया। पुलिस की यह कार्रवाई इतनी तेज थी कि अपहरण के केवल 6 घंटे के भीतर ही डॉक्टर गांगुली को परिवार को सौंप दिया गया।
गिरफ्तारी और बरामदगी :
पुलिस ने 48 घंटे के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में छापा घपरी गांव के मनीष कुमार और अजीत कुमार तथा नजरी गांव का सूरज कुमार शामिल हैं।
पुलिस ने इनके पास से अपहरण में प्रयुक्त एक सफेद रंग की मारुति कार और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है।
एसपी ने दी जानकारी और सराहना :
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस ने बिना समय गंवाए कार्रवाई की और पूरी रणनीति बनाकर छापेमारी की। उन्होंने कहा कि यह सफलता पुलिस टीम की त्वरित कार्यकुशलता और तकनीकी दक्षता का परिणाम है।
एसपी ने घटना का सफल पर्दाफाश करने और अपहृत चिकित्सक को सकुशल छुड़ाने में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित करने की घोषणा भी की।
ग्रामीणों में राहत की लहर :
घटना के बाद से ग्रामीणों में भय और चिंता का माहौल था, लेकिन चिकित्सक की सुरक्षित वापसी और आरोपियों की गिरफ्तारी से क्षेत्र में राहत की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने पुलिस की तत्परता और सफलता की सराहना की है।

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