ट्रैफिकिंग की रोकथाम और सुरक्षित प्रवासन के लिए दक्षिण एशियाई संगोष्ठी आयोजित, ग्राम नेहरू युवा ट्रस्ट ने किया समर्थन - City Channel

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Wednesday, February 19, 2025

ट्रैफिकिंग की रोकथाम और सुरक्षित प्रवासन के लिए दक्षिण एशियाई संगोष्ठी आयोजित, ग्राम नेहरू युवा ट्रस्ट ने किया समर्थन

ट्रैफिकिंग की रोकथाम और सुरक्षित प्रवासन के लिए दक्षिण एशियाई संगोष्ठी आयोजित, ग्राम नेहरू युवा ट्रस्ट ने किया समर्थन


जमुई, 19 फरवरी 2025 : दुनिया भर में असुरक्षित प्रवासन और मानव तस्करी की बढ़ती समस्या को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली में एक दिवसीय दक्षिण एशियाई संगोष्ठी आयोजित की गई। इस संगोष्ठी में नौ दक्षिण एशियाई देशों की सरकारों, नीति-निर्माताओं, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, संयुक्त राष्ट्र और नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस संगोष्ठी का आयोजन एसोसिएशन फॉर वालंटरी एक्शन द्वारा किया गया, जिसमें समग्र, अधिकार-आधारित रणनीति अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। इस पहल के तहत मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और सुरक्षित प्रवासन को प्रोत्साहित करने के उपायों पर चर्चा की गई।

मुख्य बिंदु:

1. संगोष्ठी का उद्देश्य

✅ मानव तस्करी रोकने के लिए दक्षिण एशियाई देशों के बीच समन्वय को मजबूत करना।

✅ प्रवासन नीतियों में सुधार और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कानूनी बदलाव सुनिश्चित करना।

✅ पीड़ितों को न्याय दिलाने और तस्करी के गिरोहों पर कानूनी शिकंजा कसने के लिए वैश्विक स्तर पर सहयोग को बढ़ावा देना।

2. भाग लेने वाले देश एवं संगठनों की भूमिका

इस संगोष्ठी में भारत, बांग्लादेश, नेपाल, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के प्रतिनिधि शामिल हुए।

✅ ट्रैफिकिंग के पीड़ितों ने अपने अनुभव साझा किए और तस्करी रोकने के सुझाव दिए।

✅ बाल अधिकारों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले 39 देशों के वैश्विक संगठन 'जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन' ने तकनीकी सहयोग प्रदान किया।

3. मानव तस्करी के खिलाफ बहुआयामी रणनीति की आवश्यकता

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के संस्थापक भुवन ऋभु ने कहा कि मानव तस्करी एक संगठित अपराध है, जो विशेष रूप से बच्चों और मजबूर युवाओं के शोषण के सहारे फल-फूल रहा है।

✅ तस्करी के आर्थिक ढांचे को ध्वस्त करने और संगठित अपराध गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता।

✅ ग्लोबल स्तर पर एक रजिस्टर बनाया जाए, जिससे ट्रैफिकिंग गिरोहों की पहचान और निगरानी की जा सके।

✅ भारत, अमेरिका और अन्य देशों को मिलकर ट्रैफिकिंग नेटवर्क को नष्ट करने के लिए समन्वित प्रयास करने चाहिए।

4. प्रवासन और मानवाधिकार संरक्षण की दिशा में पहल

✅ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा कि जागरूकता ही सबसे महत्वपूर्ण हथियार है।

✅ अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) के इंसाफ निजाम ने बताया कि कार्यस्थलों पर गरिमा और मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रवासन को सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक है।

✅ संयुक्त राष्ट्र के मादक पदार्थ एवं अपराध कार्यालय (UNODC) की दीपिका नरुका ने बताया कि बंधुआ मजदूरी के लिए ह्यूमन ट्रैफिकिंग बढ़ रही है, लेकिन दोषियों को सजा दिलाने की दर बहुत कम है।

5. नेपाल और श्रीलंका के प्रतिनिधियों की राय

✅ नेपाल सरकार से अनुरोध किया गया कि वे श्रमिक गंतव्यों की संख्या 110 से बढ़ाकर 160 करें।

✅ श्रीलंका के विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. यालेगामा और नेपाल के संयुक्त सचिव राजेंद्र थापा ने तस्करी रोकने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।

6. बच्चों और कमजोर समुदायों पर प्रवासन के प्रभाव।

✅ एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के कार्यकारी निदेशक धनंजय टिंगल ने बताया कि प्रवासन से सबसे अधिक प्रभावित बच्चे होते हैं।

✅ कमजोर परिवारों के बच्चों का भविष्य अनिश्चित हो जाता है और वे तस्करी गिरोहों के निशाने पर आ जाते हैं।

✅ प्रवासन से जुड़े सभी पहलुओं को देखते हुए सामुदायिक जागरूकता और मजबूत कानून प्रवर्तन आवश्यक है।

संगोष्ठी में रखी गई महत्वपूर्ण सिफारिशें:

✔ प्रवासन को सुरक्षित और संगठित बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समन्वय को मजबूत किया जाए।

✔ स्कूल पाठ्यक्रम में प्रवासन और मानव तस्करी से जुड़े मुद्दों को शामिल किया जाए।

✔ समुदायों में निगरानी प्रणाली विकसित कर ट्रैफिकिंग की रोकथाम की जाए।

✔ डिजिटल तकनीकों (AI, डिजिटल पहचान प्रणाली) का उपयोग कर ट्रैफिकिंग नेटवर्क को तोड़ा जाए।

सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रमुख अधिकारी और विशेषज्ञ:

➡️ भारतीय पुलिस फाउंडेशन के अध्यक्ष ओ.पी. सिंह

➡️ नेपाल के मानवाधिकार एवं अंतरराष्ट्रीय संधि समझौता प्रभाग के संयुक्त सचिव राजेंद्र थापा

➡️ श्रीलंका के विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव डॉ. एम.एम.एस.एस.बी. यालेगामा

➡️ माइग्रेशन एंड पॉलिसी रिसर्च की प्रमुख डॉ. बिलेशा वीरारत्ने

➡️ भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के सलाहकार ओंकार शर्मा

➡️ महाराष्ट्र पुलिस की विशेष पुलिस महानिरीक्षक अश्वती दोरजे

इस संगोष्ठी को ग्राम नेहरू युवा ट्रस्ट का भी समर्थन मिला। संगठन के सचिव सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि ट्रैफिकिंग की रोकथाम और सुरक्षित प्रवासन के लिए एकजुट प्रयासों की जरूरत है।

यह संगोष्ठी एक महत्वपूर्ण पहल थी, जो दक्षिण एशिया में प्रवासन और मानव तस्करी से निपटने के लिए एक मजबूत क्षेत्रीय रणनीति विकसित करने की दिशा में मददगार साबित हो सकती है।

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