झाझा पब्लिक स्कूल में पुलवामा के शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
सिटी संवाददाता : ब्रह्मदेव प्रसाद
झाझा, 14 फरवरी 2025: पुलवामा हमले की छठी बरसी पर झाझा पब्लिक स्कूल में शहीद हुए 40 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय गणमान्य लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे विद्यालय प्रांगण में हुई। विद्यालय के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने तिरंगा झंडा के समक्ष एकत्रित होकर दो मिनट का मौन रखा और पुलवामा हमले में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान विद्यार्थियों ने हाथों में "अमर रहें हमारे वीर", "जय हिंद", "शहीदों की शहादत को सलाम" जैसे नारे लिखी तख्तियां पकड़ी हुई थीं।
इसके बाद कैंडल मार्च का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय के सैकड़ों छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया। विद्यार्थियों ने "वंदे मातरम" और "भारत माता की जय" के नारों के साथ शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
शहीदों के बलिदान को किया याद
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विद्यालय के निदेशक डॉ. सुरेंद्र निराला ने कहा—
"आज का दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। पुलवामा का यह हमला हम सभी भारतीयों के हृदय पर एक गहरी चोट थी, लेकिन हमारी सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। हमें अपने वीर जवानों पर गर्व है।"
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा—
"हमारे सैनिक हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं ताकि हम सुरक्षित रह सकें। हमें भी अपने जीवन में अनुशासन, समर्पण और देशभक्ति को अपनाना चाहिए।"
छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति पर प्रस्तुत किए कार्यक्रम
विद्यालय के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, कविता पाठ और नाटक के माध्यम से पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। कक्षा 10वीं के छात्र राहुल वर्मा ने "ऐ मेरे वतन के लोगों" गीत प्रस्तुत किया, जिससे पूरा माहौल भावुक हो गया।
वहीं, कक्षा 9वीं की छात्रा स्नेहा कुमारी ने "पुलवामा के वीरों" पर एक कविता सुनाई, जिसमें इन पंक्तियों ने सभी को भावुक कर दिया—
"जो मिट गए इस धरती पर, उनका नाम अमर हो जाता है,
भारत माता के वीर सपूत, तेरा बलिदान याद आता है।"
इसके अलावा, छात्रों ने "भारतीय सेना का पराक्रम" विषय पर एक लघु नाटक प्रस्तुत किया, जिसमें बालाकोट एयर स्ट्राइक के घटनाक्रम को दिखाया गया।
शिक्षकों ने दिया राष्ट्रभक्ति का संदेश
विद्यालय की प्रधानाचार्या ने कहा—
"हमें पुलवामा के वीरों को सिर्फ याद ही नहीं करना चाहिए, बल्कि उनके बलिदान से प्रेरणा लेकर देशहित में कार्य करना चाहिए। हर विद्यार्थी को अपने जीवन में अनुशासन, परिश्रम और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ना चाहिए, ताकि वे अपने देश के लिए योगदान दे सकें।"
कैंडल मार्च और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मिलकर राष्ट्रीय गान "जन गण मन" गाया और शहीदों को समर्पित एक कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान सभी ने एक स्वर में कहा—
"भारत माता की जय! शहीदों अमर रहें!"
उपस्थित गणमान्य लोग:
- विद्यालय निदेशक: डॉ. सुरेंद्र निराला
- प्रधानाचार्य एवं शिक्षकीय स्टाफ
- सैकड़ों विद्यार्थी एवं स्थानीय लोग
निष्कर्ष:
इस श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से विद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण और विद्यार्थियों ने पुलवामा के वीर शहीदों के बलिदान को नमन किया और देश की रक्षा के लिए अपने संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम में देशभक्ति और एकता का भाव स्पष्ट रूप से झलक रहा था। सभी ने यह प्रण लिया कि वे हमेशा अपने देश के लिए समर्पित रहेंगे और शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भूलेंगे।
रिपोर्ट: झाझा संवाददाता

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