6 दिनों तक चले चहक प्रशिक्षण का हुआ शानदार समापन
सोनो/जमुई : सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले नोनीहालों के लिए वर्ग 1-2 के शिक्षकों को जिस प्रकार पूरी शिद्दत और सजगता के साथ 6 दिनों तक प्रशिक्षण दिया गया वह वाकई में शिक्षा के लिए मिल का पत्थर साबित होगी।
प्रखंड संसाधन केंद्र सोनो में सोमवार से लेकर शनिवार तक चले 6 दिवसीय गैरआवासीय प्रशिक्षण का उद्देश्य वर्ग 1-2 में पढ़ने वाले नोनीहालो के अंदर खेल-खेल में शिक्षा की उस जोत को जलाने का प्रयास करना है जो वर्तमान शिक्षण शैली में भारी बस्ते के बोझ तले दब गई।
जिस प्रकार बदलते समय के साथ बच्चों के ऊपर विद्यालय से लेकर घर तक पढ़ाई का बोझ बढ़ता जा रहा उस बोझ को कम करने की जिम्मेदारी बिहार सरकार द्वारा स्कूल रेडीनेंस मॉड्यूल के तहत चलाए जा रहे चहक प्रशिक्षण को दिया गया।
चहक प्रशिक्षण का उद्देश्य भाषा और गणित कौशल की समस्त गतिविधियों को गीत, संगीत और खेल-खेल के द्वारा बच्चों के मन मस्तिष्क में बैठाने का विशेष प्रयास करना है। इस विशेष प्रयास को सफल बनाने का बीड़ा प्रशिक्षक प्रदीप कुमार आर्य और राजीव कुमार ने अपने कंधों पर लिया, जिन्होंने प्रखंड अंतर्गत 199 प्रशिक्षित शिक्षकों के अंदर चहकने की उस अद्भुत कौशलता को आत्मसात कराया जो वर्षों तक किताब के पन्नों के अंदर सिमट कर रह गई थी।
वहीं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सीताराम दास की देख रेख में प्रशिक्षकों ने न केवल प्रशिक्षुओं को विभिन्न कौशल और तकनीक की जानकारीयां दी बल्कि शिक्षक कला की कई नई विधियों और तकनीकियों की बारीकियां से भी रू-ब-रू कराते हुए प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक अपने-अपने विद्यालय में वर्ग एक और दो में पढ़ने वाले बच्चों के बीच विभिन्न शिक्षण कौशलों का प्रयोग कर शिक्षा की अखंड ज्योत जलाने का प्रयास करेंगे।

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