बैलगाड़ी से नामांकन करने पहुंचा निर्दलीय प्रत्याशी, राजद से बगावत के बाद अमरेश राय ने उजियारपुर से भरा पर्चा
🔹बोला- आरजेडी हकमारी करती है।
सिटी ब्यूरो रिपोर्ट : आनन्द कुमार/अजय कुमार सिन्हा
समस्तीपुर : बिहार में चुनावी पारा चढ़ता चला जा रहा है। वहीं लोगों को आकर्षित करने के लिए निर्दलीय प्रत्याशी की तरह कई प्रकार के हथकंडे अपना रहे हैं।
इधर बुधवार को उजियारपुर संसदीय क्षेत्र से नामांकन करने के लिये अमरेश राय बैलगाड़ी से समाहरणालय स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे। वहीं बैलगाड़ी से प्रत्याशी के आने पर लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
नामांकन के बाद वापस लौट रहे अमरेश राय ने बताया कि उनके पूर्वज पशुओं के प्रेमी रहे हैं। एक जमाने में बैलगाड़ी ही लोगों की सवारी थी। यह देखकर वह मोटर कार से अलग हटकर बैलगाड़ी से नामांकन करने के लिए पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा कि राजद नेतृत्व को सोचना चाहिए कि वर्षों तक उनका झंडा ढोने वाले कार्यकर्ताओं की हकमारी की जा रही है। जब भी चुनाव होता है बाहरी लोगों को ही विधायक अथवा सांसद के लिए टिकट दे दिया जाता है जबकि स्थानीय कार्यकर्ता जीवन भर से पार्टी का झंडा ही ढोते रह जाते हैं।
उसी का प्रतिकार करते हुए उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला लिया। पूरे क्षेत्र में जनता उनका समर्थन कर रही है। उन्होंने कहा कि नामांकन के दौरान भीड़ इस बात का सबूत है कि इलाके के लोग उनके साथ हैं।
निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे अमरेश राय ने कहा कि स्थानीय प्रतिनिधि ही अपने इलाके का विकास कर सकते हैं बाहरी तो सिर्फ लूटने के लिए आते हैं।



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