बिहार को उद्योग और स्किल का हब बनाएगी सरकार: मुख्यमंत्री - City Channel

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Saturday, October 3, 2026

बिहार को उद्योग और स्किल का हब बनाएगी सरकार: मुख्यमंत्री

🔸चकाई में अंकुर बायोकेम के निर्माणाधीन इथेनॉल प्लांट का मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण, 3400 करोड़ के औद्योगिक निवेश से 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर।

सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।

जमुई, 3 अक्टूबर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को जमुई जिले के चकाई प्रखंड स्थित निर्माणाधीन अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड के इथेनॉल प्लांट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्लांट के निर्माण कार्य और परियोजना की प्रगति की विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि प्लांट में मार्च 2027 तक उत्पादन शुरू होने की संभावना है।

निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इथेनॉल प्लांट परिसर में समीक्षा बैठक हुई। जमुई के जिलाधिकारी नवीन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से परियोजना की विस्तृत जानकारी दी।

105 एकड़ में बन रहा इथेनॉल प्लांट

बैठक में बताया गया कि अंकुर बायोकेम का यह प्लांट करीब 105 एकड़ भूमि में विकसित किया जा रहा है। इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 1,000 किलोलीटर इथेनॉल होगी। प्लांट में प्रतिदिन करीब 10 लाख लीटर इथेनॉल उत्पादन का लक्ष्य है।

परियोजना में 20 मेगावाट की कैप्टिव पावर जेनरेशन सुविधा भी स्थापित की जाएगी, जिससे प्लांट ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। प्लांट के लिए प्रतिदिन करीब 30 हजार क्विंटल अनाज की आवश्यकता होगी। इससे स्थानीय किसानों को उनकी उपज के लिए स्थायी और बेहतर बाजार उपलब्ध होने की उम्मीद है।

परियोजना को Zero Liquid Discharge (ZLD) प्रणाली पर आधारित बताया गया है, जिससे जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा में मदद मिलेगी।

जमुई में 3400 करोड़ से अधिक का निवेश

समीक्षा बैठक में बताया गया कि जमुई जिले में विभिन्न औद्योगिक परियोजनाओं के माध्यम से करीब 3,400 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। इनमें अंकुर स्टील प्राइवेट लिमिटेड, अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड (इथेनॉल), सीएलएम डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और अंकुर ट्रेडविस्टा प्राइवेट लिमिटेड जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।

इन परियोजनाओं से करीब 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

चकाई में 9 हजार एकड़ भूमि चिह्नित

चकाई में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए करीब 9,000 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। इसमें करीब 5,000 एकड़ वन विभाग तथा 4,000 एकड़ रैयती एवं अन्य श्रेणी की भूमि शामिल है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चिह्नित भूमि की 10 से 12 दिनों के भीतर मैपिंग कराने का निर्देश दिया। साथ ही 30 अक्टूबर तक भूमि से संबंधित पूरा ब्योरा तैयार कर आगे की कार्ययोजना बनाने को कहा।

उन्होंने वन विभाग, अंचलाधिकारी, डीसीएलआर तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संबंधित अधिकारियों के समन्वय से भूमि की वास्तविक स्थिति का आकलन कराने का निर्देश दिया।

लछुआड़ मंदिर और गरही डैम को पर्यटन केंद्र बनाने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने लछुआड़ मंदिर और गरही डैम को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इन स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

लछुआड़ मंदिर में जनसुविधाओं का विस्तार और श्रद्धालुओं के ठहरने की बेहतर व्यवस्था के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।

कानून-व्यवस्था और सड़क व्यवस्था को लेकर भी निर्देश

मुख्यमंत्री ने जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूत करने तथा नियमित पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को थानों में जाकर कार्यप्रणाली की समीक्षा करने को कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में हर हाल में विधि-व्यवस्था बनाए रखी जाए। नशामुक्ति को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने तथा पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक सक्रियता को बनाए रखने का भी निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने भीम बांध से लक्ष्मीपुर और मुंगेर से गंगटा को जोड़ने वाली सड़कों को दुरुस्त रखने और लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा, ताकि लोगों का आवागमन सुगम हो सके। जिले में रोप-वे की आवश्यकता का आकलन कर प्रस्ताव भेजने तथा कैमूर की तर्ज पर जंगल क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में भी कार्य करने का निर्देश दिया।

‘बिहार को स्किल हब बनाना है’

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बिहार को उद्योग के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के साथ-साथ स्किल हब बनाना है। उन्होंने कहा कि जमुई को और अधिक समृद्ध बनाने के लिए यहां औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि चकाई में बड़ा इथेनॉल प्लांट स्थापित हो रहा है, जिसमें मार्च 2027 तक उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। सरकार बिहार को देश-दुनिया के औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री के चकाई आगमन के दौरान उन्होंने प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र के लिए चिह्नित भूमि का हवाई निरीक्षण भी किया।

कार्यक्रम में उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, परिवहन मंत्री दामोदर रावत, विधायक सावित्री देवी, विधान पार्षद विजय कुमार सिंह, पूर्व विधायक सुमित कुमार सिंह, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीति वर्मा, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त प्रेम सिंह मीणा, मुंगेर क्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक राकेश कुमार, जमुई के जिलाधिकारी नवीन, बांका के जिलाधिकारी अंशुल अग्रवाल, उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

अंकुर बायोकेम प्राइवेट लिमिटेड के सीएमडी महेंद्र शर्मा, निदेशक विशाल शर्मा सहित कंपनी के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नेताओं और जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया।

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