साइकिल यात्रा एक विचार की 564वीं यात्रा बालाडीह पहुंची, युवाओं ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
🔸मिट्टी के संरक्षण और वृक्षारोपण पर दिया जोर, जीविका दीदी शिम्पी कुमारी ने युवाओं की पहल को बताया सराहनीय।
जमुई। “अगर मन में हौसला हो, तो बड़ी से बड़ी कठिनाइयां भी छोटी लगने लगती हैं।” इसी सोच को आत्मसात करते हुए साइकिल यात्रा एक विचार, जमुई के सदस्यों ने अपनी 564वीं यात्रा पूरी की। इस दौरान आठ सदस्यों ने जमुई प्रखंड से साइकिल यात्रा शुरू की और कल्याणपुर, सिकरिया तथा सोनपे होते हुए जमुई प्रखंड के बालाडीह गांव पहुंचे। यात्रा के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण, मृदा सुरक्षा और वृक्षारोपण के प्रति जागरूक किया गया।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी
बालाडीह गांव में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदी शिम्पी कुमारी ने साइकिल यात्रा से जुड़े युवाओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा अपने व्यस्त कार्यों के बीच से समय निकालकर पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को इसी तरह पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए। सामूहिक प्रयासों से ही पृथ्वी को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।
मिट्टी का संरक्षण मानव जीवन के लिए आवश्यक
यात्रा में शामिल सदस्य अजीत कुमार ने मृदा संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मिट्टी पृथ्वी का एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है। यह वनस्पतियों के विकास के साथ-साथ मानव जीवन और पशु-पक्षियों के अस्तित्व को भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहारा देती है। जिस प्रकार जीवन के लिए हवा और पानी आवश्यक हैं, उसी प्रकार मिट्टी भी बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि मानवीय गतिविधियों के कारण मिट्टी का क्षरण और प्रदूषण बढ़ रहा है। इसका दुष्प्रभाव केवल भूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि पेड़-पौधों, जीव-जंतुओं और मानव जीवन पर भी पड़ता है। इसलिए मृदा संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना जरूरी है।
वृक्षारोपण से रोका जा सकता है मृदा अपरदन
अजीत कुमार ने बताया कि मृदा अपरदन को रोकने के प्रभावी उपायों में वृक्षारोपण की महत्वपूर्ण भूमिका है। पेड़-पौधों की जड़ें मिट्टी को बांधकर रखती हैं, जिससे मिट्टी के बहाव और कटाव को कम करने में मदद मिलती है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।
यात्रा में शामिल हुए सदस्य और ग्रामीण
564वीं साइकिल यात्रा में हरेराम सिंह, शेषनाथ राय, संदीप रंजन, राहुल ऋतुराज, अजीत कुमार, आंचल कुमारी, रविन्द्र और संजय कुमार सहित अन्य सदस्य एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। यात्रा के माध्यम से युवाओं ने संदेश दिया कि पर्यावरण की रक्षा केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

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