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Thursday, August 20, 2026

जमुई में TEJAS Hackathon 2026 का आगाज, युवाओं को मिला रोजगार सृजन का मंत्र

जमुई में TEJAS Hackathon 2026 का आगाज, युवाओं को मिला रोजगार सृजन का मंत्र

▪️जिलाधिकारी ने कहा- नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें युवा, अपने हुनर और नवाचार से बनाएं रोजगार के नए अवसर

सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट।

जमुई, 20 अगस्त 2026। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, जमुई में गुरुवार को TEJAS कार्यशाला एवं TEJAS Hackathon 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के ‘स्टार्टअप इंडिया’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन जिला उद्योग केंद्र, जमुई एवं राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, जमुई के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी, जमुई ने दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर अपर समाहर्ता, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता सिंचाई प्रमंडल, कॉलेज के प्राचार्य, शिक्षाविद् तथा IIT, NIT समेत देश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों से पहुंचे छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

युवाओं की सोच में बदलाव जरूरी

उद्घाटन सत्र में जिला पदाधिकारी ने युवाओं से कहा कि वे अपनी प्रतिभा को सिर्फ नौकरी पाने तक सीमित न रखें। उन्होंने युवाओं से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार पैदा करने वाला बनने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि युवाओं में प्रतिभा, ऊर्जा और तकनीकी क्षमता भरपूर है। जरूरत इस बात की है कि इन क्षमताओं को स्थानीय समस्याओं के समाधान और नए उद्यम विकसित करने में लगाया जाए। उन्होंने छात्रों को नए विचारों पर काम करने और उन्हें व्यावहारिक रूप देने के लिए प्रेरित किया।

जिलाधिकारी ने Hackathon के प्रतिभागियों को असफलता से न घबराने की सलाह देते हुए कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं केवल जीतने का माध्यम नहीं हैं। इसमें किसी समस्या को समझना, उसका समाधान तलाशना, प्रोटोटाइप तैयार करना और उसे लगातार बेहतर बनाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने सीखते रहने और लगातार प्रयास करने को सफलता की कुंजी बताया।

किसानों और जल संकट पर तकनीकी समाधान की जरूरत

कार्यक्रम में सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने कहा कि जमुई में विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। तकनीक के इस्तेमाल से किसानों की समस्याओं को दूर करने और सरकारी कार्यालयों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए नए समाधान विकसित किए जा सकते हैं।

उन्होंने जल संरक्षण और सिंचाई पर जोर देते हुए कहा कि पीने योग्य पानी सीमित है। ऐसे में ऐसी तकनीक विकसित करने की जरूरत है, जिससे सिंचाई के लिए सतत जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने छात्रों को वाटर बजटिंग के क्षेत्र में भी काम करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे छात्रों के साथ अपना समय और तकनीकी अनुभव साझा करने के लिए तैयार हैं।

विकास योजनाओं की गुणवत्ता जांच में कॉलेज की भूमिका

कार्यक्रम में जिला प्रशासन और राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के बीच अकादमिक-प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने का निर्णय भी लिया गया।

इसके तहत जिले में चल रही विभिन्न निर्माण एवं विकास योजनाओं की गुणवत्ता जांच के लिए कॉलेज की आधुनिक प्रयोगशालाओं और तकनीकी विशेषज्ञों की सेवाएं लेने की योजना है। इससे सरकारी योजनाओं में तकनीकी गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

दो दिवसीय TEJAS कार्यशाला एवं Hackathon के माध्यम से जमुई और बिहार के अन्य जिलों के युवाओं को समस्या की पहचान से लेकर समाधान विकसित करने और स्टार्टअप स्थापित करने तक का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

जिला प्रशासन के अनुसार, यह पहल आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत@2047 के विजन के अनुरूप जमुई में नवाचार, उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय युवाओं को अपने विचारों को नए व्यवसाय और रोजगार के अवसरों में बदलने का मंच मिलेगा।

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