खगड़िया में बच्चों की तस्करी के खिलाफ निर्णायक अभियान, तटवासी समाज न्यास ने किया जंग का ऐलान - City Channel

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Sunday, August 2, 2026

खगड़िया में बच्चों की तस्करी के खिलाफ निर्णायक अभियान, तटवासी समाज न्यास ने किया जंग का ऐलान

खगड़िया में बच्चों की तस्करी के खिलाफ निर्णायक अभियान, तटवासी समाज न्यास ने किया जंग का ऐलान

▪️विश्व मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस पर 'नेशनल कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड ट्रैफिकिंग' से जुड़ा संगठन, जागरूकता और कानूनी कार्रवाई पर रहेगा फोकस।

खगड़िया। विश्व मानव दुर्व्यापार विरोधी दिवस के अवसर पर बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत गैरसरकारी संगठन तटवासी समाज न्यास ने खगड़िया जिले में बच्चों की तस्करी (चाइल्ड ट्रैफिकिंग) के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाने का ऐलान किया है। संगठन ने कहा कि सरकार, जिला प्रशासन और आम नागरिकों के सहयोग से बाल तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा तथा ट्रैफिकरों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

यह घोषणा नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय परामर्श "इंश्योरिंग ए चाइल्ड राइट्स, पोटेंशियल एंड प्रॉस्पेरिटी" के दौरान की गई। इस कार्यक्रम में जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (JRC) नेटवर्क से जुड़े देश के 782 जिलों के 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में वर्ष 2030 तक 'नेशनल कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड ट्रैफिकिंग' चलाने का निर्णय लिया गया।

तटवासी समाज न्यास के निदेशक कन्हैया कुमार सिंह ने कहा कि बाल तस्करी एक गंभीर सामाजिक चुनौती है। उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और हाशिए पर रह रहे परिवारों की पहचान कर उनके बच्चों को सरकारी योजनाओं से जोड़ना है, ताकि वे शिक्षा से जुड़े रहें और तस्करी करने वाले गिरोहों के झांसे में न आएं।

उन्होंने कहा कि ट्रैफिकर अक्सर स्थानीय स्तर पर ही सक्रिय रहते हैं और गरीब परिवारों के बच्चों को नौकरी या बेहतर जीवन का लालच देकर अपने साथ ले जाते हैं। इसके बाद उन्हें बंधुआ मजदूरी, भीख मंगवाने या यौन शोषण जैसी गतिविधियों में धकेल दिया जाता है। ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए समुदाय आधारित निगरानी, जागरूकता और प्रशासनिक समन्वय को मजबूत किया जाएगा।

संगठन ने बताया कि देशभर में अप्रैल 2023 से दिसंबर 2025 के बीच 1,22,516 बच्चों को ट्रैफिकिंग से बचाया गया है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिकिंग से मुक्त कराए गए बच्चों के समुचित पुनर्वास, शिक्षा और सामाजिक पुनर्स्थापन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें और समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि बच्चों को मानव तस्करी से बचाना समाज और राष्ट्र की साझा जिम्मेदारी है तथा इस दिशा में कार्य कर रहे स्वयंसेवी संगठन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।:

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