पेसा नियमावली लागू : झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में अब ग्राम सभा सर्वोच्च, गांव की मर्जी से होंगे फैसले - City Channel

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Saturday, January 3, 2026

पेसा नियमावली लागू : झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में अब ग्राम सभा सर्वोच्च, गांव की मर्जी से होंगे फैसले

पेसा नियमावली लागू : झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में अब ग्राम सभा सर्वोच्च, गांव की मर्जी से होंगे फैसले


रांची : झारखंड में अनुसूचित क्षेत्रों के लिए पेसा (पंचायत एक्सटेंशन टू शेड्यूल्ड एरिया) नियमावली की अधिसूचना जारी होते ही प्रशासनिक और राजनीतिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब तक जो फैसले दफ्तरों और कागजों में होते थे, वे अब गांव की चौपाल और ग्राम सभा में होंगे। जल, जंगल और जमीन से जुड़े निर्णयों पर अब अफसरों की नहीं, बल्कि ग्राम सभा की अंतिम मुहर लगेगी।

पेसा नियमावली लागू होने के बाद कैटेगरी-1 (पांच हेक्टेयर से कम) के बालू घाटों का संचालन, जमीन की खरीद-बिक्री, शराब दुकान खोलने, लघु वनोपज के संग्रह और बिक्री जैसे अहम विषयों पर निर्णय ग्राम सभा करेगी। यहां तक कि किसी भी कंपनी या फैक्ट्री को गांव की जमीन लेने से पहले ग्राम सभा की अनुमति अनिवार्य होगी।

हर महीने होगी ग्राम सभा की बैठक, महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य

नियमावली के तहत अब ग्राम सभा की बैठक हर महीने कम से कम एक बार करना अनिवार्य होगा। बैठक के लिए एक-तिहाई कोरम जरूरी होगा, जिसमें एक-तिहाई महिलाओं की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। बैठक सार्वजनिक स्थान पर होगी और ग्राम सभा के परंपरागत, मान्यता प्राप्त अनुसूचित जनजाति सदस्य इसकी अध्यक्षता करेंगे।

ग्राम सभा को मिले व्यापक अधिकार

पेसा नियमावली के तहत ग्राम सभा को स्थानीय विवाद निपटाने, सिंचाई प्रबंधन, वनोत्पादों के संरक्षण और उपयोग, लघु खनिजों (मिट्टी, पत्थर, बालू, मोरम) के प्रबंधन जैसे अधिकार दिए गए हैं। ग्राम सभा अधिकतम 2000 रुपये तक का जुर्माना भी लगा सकेगी। वहीं, शराब नियंत्रण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका होगी और ग्राम सभा की अनुमति के बिना शराब दुकान नहीं खोली जा सकेगी।

भूमि संरक्षण और प्रशासनिक जवाबदेही

सीएनटी-एसपीटी एक्ट से जुड़े मामलों में अब ग्राम सभा की सहमति आवश्यक होगी। आदिवासी जमीन पर अवैध कब्जे की स्थिति में बिना मुआवजा दिए कब्जाधारी को बेदखल किया जा सकेगा। पुलिस द्वारा की गई किसी भी गिरफ्तारी की सूचना सात दिनों के भीतर ग्राम सभा को देनी होगी।

सरकार का दावा: बदलेगा सत्ता संतुलन

पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पेसा नियमावली लागू होने से ग्राम सभा को वास्तविक और वैधानिक अधिकार मिलेंगे। सरकार का दावा है कि इससे आदिवासी इलाकों में बाहरी एजेंसियों और ठेकेदारों का दबदबा खत्म होगा और स्वशासन की अवधारणा मजबूत होगी।

सारांश:
पेसा नियमावली के लागू होने के साथ ही झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा सबसे शक्तिशाली इकाई बन गई है। अब विकास योजनाओं से लेकर संसाधनों के उपयोग तक हर फैसला गांव की सहमति से होगा, जिससे आदिवासी स्वशासन को नई मजबूती मिलेगी।

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