जमुई जीआरपी की सतर्कता से भटके तीन नाबालिग बच्चों को मिला सुरक्षित घर
जमुई : जमुई जीआरपी पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए रेलवे स्टेशन पर भटके हुए तीन नाबालिग बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों से मिला दिया। पुलिस की सजगता के कारण तीनों बच्चों को सकुशल उनके घर पहुंचाया जा सका।
जीआरपी पुलिस ने बच्चों को अपनी सुरक्षा में लेकर उनसे पूछताछ की, जिसमें उनकी पहचान गौरव कुमार, मणिकांत और बाबू साहब के रूप में हुई। बच्चों ने बताया कि वे कजरा से लखीसराय गए थे, लेकिन लखीसराय स्टेशन पर गलती से जमुई जाने वाली ट्रेन में चढ़ गए, जिससे वे भटककर जमुई रेलवे स्टेशन पहुंच गए। तीनों बच्चे लखीसराय जिले के सूरजगढ़ा के निवासी हैं।
मणिकांत के नाना संजीत कुमार ने बताया कि बच्चे घर से निकले थे, लेकिन देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजन चिंतित हो गए। इसी दौरान मणिकांत ने एक मोबाइल नंबर के जरिए परिजनों को सूचना दी कि वे जमुई पहुंच गए हैं। इसके बाद जमुई जीआरपी ने परिजनों को बच्चों के सुरक्षित होने की जानकारी दी।
परिजनों ने बताया कि कड़ाके की ठंड के बावजूद जीआरपी पुलिस ने बच्चों का पूरा ख्याल रखा और उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराईं। बच्चों को सुरक्षित देखकर परिजनों ने जमुई जीआरपी पुलिस के प्रति आभार जताया।
प्लेटफॉर्म ड्यूटी पर तैनात महिला सिपाही रीता देवी ने बताया कि उन्होंने तीनों बच्चों को स्टेशन पर भटकते हुए देखा और तत्काल उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाकर पूछताछ की तथा परिजनों को सूचित किया। वहीं जीआरपी थाना अध्यक्ष मनोज कुमार देव ने कहा कि महिला सिपाही की तत्परता से बच्चों की पहचान सुनिश्चित की गई और औपचारिक प्रक्रिया के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।
थाना अध्यक्ष मनोज कुमार देव ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी कोई बच्चा भटका हुआ दिखाई दे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें, ताकि समय रहते उसकी मदद की जा सके।

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