राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर पर्यावरण भारती का विशेष पौधारोपण अभियान
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू
राजेन्द्र नगर/पटना, 4 मार्च 2025 : राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के अवसर पर पर्यावरण भारती द्वारा विशेष पौधारोपण अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत अमरूद, महुआ, सप्तपर्णी (छतवन), मीठा नीम (करी पत्ते) और पथरचूर सहित 9 पौधे लगाए गए। कार्यक्रम का नेतृत्व NGO प्रांत प्रमुख अधिवक्ता कृष्ण मुरारी प्रसाद ने किया।
प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा का एकमात्र उपाय: वृक्षारोपण
पर्यावरण भारती के संस्थापक एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कुछ दिन पहले बिहार में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, वहीं जम्मू-कश्मीर, लेह और हिमाचल प्रदेश में बर्फीली बारिश और भूस्खलन से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। उत्तराखंड के चमोली में बर्फीले तूफान के कारण 52 मजदूर फंस गए थे, जिनमें से 44 को सेना ने बचा लिया, जबकि 8 की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि मानवता को इन आपदाओं से बचाने के लिए वृक्षारोपण अभियान को और तेज करना होगा। पर्यावरण संरक्षण ही एकमात्र उपाय है जिससे हम भविष्य की पीढ़ियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान कर सकते हैं।
राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस: महत्व और उद्देश्य
भारत में हर साल 4 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। इसे पहली बार 1966 में भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद द्वारा शुरू किया गया था। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1947 में लागू हुआ और इसके तहत राष्ट्रपति, राज्य सचिव, रक्षा मंत्री, थल सेना प्रमुख, नौसेना प्रमुख, वायु सेना प्रमुख और राष्ट्रीय सुरक्षा संसाधन बोर्ड अध्यक्ष स्थायी सदस्य होते हैं।
इस दिन का उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। यह दिवस औद्योगिक, सैन्य, साइबर, जैविक और आर्थिक सुरक्षा सहित कई अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित करता है।
2025 का थीम: "विकसित भारत के लिए सुरक्षा एवं मानव कल्याण महत्वपूर्ण है"
इस वर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस का थीम ‘विकसित भारत के लिए सुरक्षा एवं मानव कल्याण महत्वपूर्ण है’ रखा गया है। इस थीम के अनुरूप, पर्यावरण भारती का पौधारोपण अभियान एक स्मरणीय कार्य बन गया।
पर्यावरण सुरक्षा और वृक्षारोपण से जुड़े जागरूकता बिंदु:
- पर्यावरण संरक्षण से जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम किया जा सकता है।
- वृक्षारोपण से प्राकृतिक आपदाओं को रोका जा सकता है।
- स्वच्छ वायु और स्वस्थ जीवन के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए।
- प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित उपयोग आवश्यक है।
अभियान में शामिल प्रमुख सदस्य:
इस अवसर पर पर्यावरण भारती के प्रांत प्रमुख अधिवक्ता कृष्ण मुरारी प्रसाद, जल उपक्रम के प्रांत प्रमुख रणधीर कुमार सिन्हा, पोलिथीन उपक्रम के सह प्रांत प्रमुख नीरज नयन, राम बिलास शाण्डिल्य, रेयान अनवर, कानन कुंज, राधे श्याम, अजय कुमार सिंह, नागेंद्र कुमार, रोहित कुमार सहित कई गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस पर इस वृक्षारोपण अभियान ने पर्यावरण सुरक्षा के महत्व को उजागर किया और समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया कि प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए वृक्षारोपण ही सबसे कारगर उपाय है।

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