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Monday, February 24, 2025

पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राकृतिक बीज संग्रह अभियान का शुभारंभ

पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राकृतिक बीज संग्रह अभियान का शुभारंभ


सिटी संवाददाता : प्रो0 रामजीवन साहू 

लखीसराय, 24 फरवरी 2025 : पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्राकृतिक बीज संग्रह अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान का नेतृत्व संजीव कुमार कर रहे हैं। कार्यक्रम में पर्यावरण भारती के संस्थापक, पर्यावरण संरक्षण गतिविधि के प्रांत संयोजक एवं अखिल भारतीय पेड़ उपक्रम टोली के सदस्य राम बिलास शांडिल्य ने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि धरती पर 33% जंगल अनिवार्य हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 15% ही बचे हैं। स्वार्थी मानव द्वारा की गई अंधाधुंध वनों की कटाई के कारण पर्यावरण संकट गहरा गया है, जिससे ग्लोबल वार्मिंग और ओजोन परत में छिद्र जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं।

उन्होंने वृक्षों की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि जैसे भगवान शिव ने समुद्र मंथन के समय विषपान कर संसार की रक्षा की थी, वैसे ही वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) ग्रहण कर ऑक्सीजन (O₂) नि:शुल्क प्रदान करते हैं, जिससे पृथ्वी पर जीवन संभव हो पाता है। इसलिए भारत में वृक्षों की पूजा की जाती है।

बीजारोपण से वृक्षारोपण अभियान :

प्राकृतिक बीजों की कमी को देखते हुए इस अभियान की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य किसानों के सहयोग से अधिक से अधिक बीजों का संग्रह करना और वृक्षारोपण को बढ़ावा देना है। किसान ही पर्यावरण के असली संरक्षक हैं, इसलिए उनके माध्यम से यह अभियान सफल बनाया जाएगा।

महाकुंभ 2025 के लिए ‘थैला-थाली’ संग्रह अभियान :

पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रयागराज महाकुंभ 2025 में शून्य बजट पर ‘थैला-थाली’ संग्रह अभियान चलाया गया, जिसके तहत—

  • स्टील की थालियाँ: 14,17,064 (चौदह लाख सत्रह हजार चौसठ)
  • कपड़े के थैले: 13,46,128 (तेरह लाख छियालिस हजार एक सौ अट्ठाइस)
  • स्टील के ग्लास: 2,63,678 (दो लाख तिरसठ हजार छह सौ अठहत्तर)

दक्षिण बिहार से भी इस अभियान में योगदान दिया गया—

  • स्टील की थालियाँ: 2,300 (दो हजार तीन सौ)
  • कपड़े के थैले: 4,700 (चार हजार सात सौ)
  • स्टील के ग्लास: 2,000 (दो हजार)

थैला-थाली अभियान: एक अभिनव पहल :

इस अभियान से धरती पर कचरे की मात्रा कम हुई और गंगा स्वच्छ बनी रही। राम बिलास शांडिल्य ने कहा कि भगवान की पूजा का वास्तविक अर्थ ‘पाँच तत्वों (भूमि, गगन, वायु, अग्नि और जल) का संरक्षण’ है। यदि हम प्रकृति का सम्मान करेंगे, तो पर्यावरण संतुलन बना रहेगा।

उन्होंने सिंगल-यूज प्लास्टिक के बहिष्कार की अपील करते हुए कहा,
"कपड़े के थैले का उपयोग करें और पोलिथीन में सब्जी लाने से बचें।"

पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले प्रमुख लोग :

इस अभियान में सुनील कुमार सिंह, संजीत कुमार यादव, प्रिंस कुमार, संजीव कुमार, पप्पू कुमार, राधिका कुमारी, गुलशन कुमार, साधू प्रसाद, पीयूष, आशीष, मनीष, आयूष समेत कई पर्यावरण प्रेमियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

प्राकृतिक बीज संग्रह और थैला-थाली अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इस पहल से न केवल हरित क्षेत्र बढ़ेगा, बल्कि प्रदूषण कम होगा और पृथ्वी को बचाने में मदद मिलेगी। सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे इस पुनीत कार्य में सहयोग देकर धरती को हराभरा बनाने में योगदान दें।     

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