साइकिल यात्रा एक विचार जमुई: पूर्वजों की स्मृति में वृक्षारोपण कर दी गई हरित श्रद्धांजलि
जमुई, 15 फरवरी 2025 : पूर्वजों की स्मृति को जीवित रखने के लिए पौधारोपण एक महत्वपूर्ण पहल है, इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए गिद्धौर के धोबघट वासियों ने स्वर्गीय कृष्णानंद सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि के अवसर पर वृक्षारोपण कर दिवंगत आत्मा को हरित श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर उच्च विद्यालय, धोबघट परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद विद्यालय परिसर के चारों ओर वृक्षारोपण किया गया। इस पहल के माध्यम से लोगों से अपील की गई कि वे अपने पूर्वजों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए वृक्षारोपण करें।
476वीं साप्ताहिक साइकिल यात्रा पहुँची धोबघट ग्राम
इससे पहले, साइकिल यात्रा एक विचार, जमुई के सदस्यों का कारवां अपनी 476वीं साप्ताहिक यात्रा के तहत श्री कृष्ण सिंह स्टेडियम परिसर से रवाना हुआ। यात्रा सिकरिया, गरसंडा, बानपुर होते हुए धोबघट ग्राम पहुंची, जहां ग्रामीणों को परिवारिक अवसरों पर अधिक से अधिक पौधारोपण करने का संदेश दिया गया।
भारतीय जनता पार्टी, झारखंड के पंचायती राज प्रदेश संयोजक सुमन सिंह ने अपने दिवंगत पिता की स्मृति में ग्रामीणों के सहयोग से रबर प्लांट, अमरूद, महोगनी, पीपल के वृक्ष लगाए। उन्होंने उपस्थित लोगों को इन वृक्षों के संरक्षण का संकल्प दिलाया और कहा,
"पूर्वजों की स्मृति को सहेजने के लिए वृक्षारोपण सबसे उत्तम साधन है। पेड़ ही हमें यह अहसास दिलाते हैं कि हमारे पूर्वजों की छाया हमेशा हमारे साथ बनी हुई है।"
वृक्षारोपण का महत्व, सदस्यों के विचार
साइकिल यात्रा के सदस्य शैलेश भारद्वाज ने बताया कि पेड़-पौधों का मनुष्य के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। उन्होंने कहा,"अपने बुजुर्गों और प्रियजनों की याद में हर व्यक्ति को कम से कम दो पेड़ अवश्य लगाने चाहिए। इससे बड़ी श्रद्धांजलि कुछ और नहीं हो सकती कि उनके नाम पर लगाया गया वृक्ष हरा-भरा रहे और शीतल छाया प्रदान करे।"
वन, पर्यावरण एवं नदी बचाओ संरक्षण समिति के संयोजक कुणाल सिंह ने भी इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए कहा,
"पूर्वजों की याद में लगाया गया वृक्ष हमें जीवनभर उनकी स्मृति का अहसास कराता रहेगा। प्रकृति से प्रेम और उसका संरक्षण ही पूर्वजों को सच्ची श्रद्धांजलि है।"
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
इस अवसर पर साइकिल यात्रा के प्रमुख सदस्य, स्थानीय ग्रामीण और गणमान्य लोग उपस्थित थे। उपस्थित लोगों में प्रमुख रूप से शैलेश भारद्वाज, कुणाल सिंह, सुमन सिंह, सचिराज पद्माकर, सीपू परिहार, विवेक कुमार, हर्ष कुमार सिन्हा, गोलू कुमार, संदीप कुमार सिंह, अश्वनी कुमार सिंह, काजल कुमार सिंह, अमन परिहार, नीरज कुमार सिंह, धनराज कुमार सिंह, सुभाष शाह, बुद्धू मांझी, सिन्नू कुमार, विमलेश कुमार सिंह, हैप्पी कुमार सिंह, राजेश कुमार सिंह, प्रियव्रत कुमार, रणवीर कुमार रहे।
सभी ने पूर्वजों की स्मृति में वृक्षारोपण को अपनाने और प्रकृति संरक्षण की इस पहल को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
साइकिल यात्रा एक विचार, जमुई की यह पहल सिर्फ पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का एक प्रभावी माध्यम भी है। यह संदेश सभी के लिए प्रेरणादायक है कि परिवारिक अवसरों पर वृक्षारोपण को अपनाकर न केवल अपने पूर्वजों की स्मृति को चिरस्थायी बनाया जा सकता है, बल्कि पर्यावरण को भी संरक्षित किया जा सकता है।
"पूर्वजों की स्मृति को हरियाली में बदलकर, आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण देने का यह प्रयास निश्चित रूप से सराहनीय है।"



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