जमुई में वित्तीय समावेशन को लेकर बैंकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित
🔹केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अवर सचिव रत्नाकर झा की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक, वित्तीय समावेशन की प्रगति पर जोर
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू
जमुई, 20 फरवरी 2025 : जिला परिषद के सभागार में केंद्रीय वित्त मंत्रालय के अवर सचिव रत्नाकर झा की अध्यक्षता में वित्तीय समावेशन को लेकर जिले के सभी बैंकों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में एडीएम सुभाष चंद्र मंडल, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक कुमार नीलोत्पल, नाबार्ड के डीडीएम अभिषेक आलोक, एलडीएम लक्ष्मी एक्का, वित्तीय साक्षरता सलाहकार बनारसी पासवान, सीएफएल कर्मी और जिले के सभी बैंकों के जिला समन्वयकों ने भाग लिया।
बैठक में मुख्य बिंदु
बैठक में जिले में वित्तीय समावेशन से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैंकों द्वारा किए गए कार्यों की उपलब्धि रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और आगामी लक्ष्यों को लेकर निर्देश दिए गए।
मुख्य निर्देश एवं चर्चा के बिंदु:
✅ जिले की वित्तीय समावेशन प्रगति संतोषजनक
अवर सचिव रत्नाकर झा ने जमुई जिले की प्रगति को संतोषजनक बताया, लेकिन इसमें और तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि बैंकों और प्रशासन को समन्वय स्थापित कर योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करना होगा।
✅ मार्च 2025 तक 100% लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश
आकांक्षी जिला योजना के तहत जमुई में संचालित सभी बैंकों को मार्च 2025 तक वित्तीय समावेशन का 100% लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
इसके लिए स्वीकृत योजनाओं को समय-सीमा के भीतर पूरा करना आवश्यक होगा।
✅ महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा और निर्देश
रत्नाकर झा ने जनधन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने इन योजनाओं को तेजी से लागू करने और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया।
✅ बैंकों को सक्रिय भूमिका निभाने की अपील
उन्होंने कहा कि बैंकों को अपने कार्यों में और अधिक सक्रियता दिखानी होगी, ताकि सरकार की वित्तीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि वे अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें और वित्तीय समावेशन को गति दें।
बैठक में अधिकारियों का योगदान
एडीएम सुभाष चंद्र मंडल का बयान:
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बैंकों के साथ मिलकर वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बैंकों को निर्देश दिया कि वे लाभार्थियों तक योजनाओं को पहुंचाने में तेजी लाएं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक कुमार नीलोत्पल का सुझाव:
उन्होंने कहा कि बैंकों को ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय साक्षरता बढ़ाने पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि अधिक लोग सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें।
एलडीएम लक्ष्मी एक्का का बयान:
उन्होंने बैंकों द्वारा किए गए कार्यों और अब तक प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी दी।
साथ ही, आने वाले समय में और अधिक लक्ष्य हासिल करने की प्रतिबद्धता जताई।
इस बैठक में वित्तीय समावेशन से जुड़ी योजनाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैंकों को तेजी से योजनाओं का क्रियान्वयन करने और मार्च 2025 तक 100% लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
साथ ही, लोगों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ने और योजनाओं के प्रति जागरूक करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाने पर सहमति बनी।




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