आवासीय सैनिक पब्लिक स्कूल में महर्षि संत रविदास और महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती धूमधाम से मनाई गई
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू
जमुई, 12 फरवरी 2025 : आवासीय सैनिक पब्लिक स्कूल, उझंडी में महर्षि संत रविदास और महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। यह संयोग है कि महर्षि संत रविदास जी का जन्म माघ पूर्णिमा 1388 ई. में उत्तर प्रदेश के काशी में हुआ था, जबकि 12 फरवरी 1824 को गुजरात में महर्षि दयानंद सरस्वती जी का जन्म हुआ। इस वर्ष दोनों महापुरुषों की जयंती एक साथ मनाई गई, जिससे यह आयोजन और भी विशेष बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय की प्राचार्या कुमकुम कुमारी सिंह और एक शिक्षकेत्तर कर्मचारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से की गई। इसके बाद हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों ने आहुति दी।
महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा
- प्राचार्या श्रीमती कुमकुम कुमारी ने छात्रों को महर्षि दयानंद सरस्वती और संत रविदास जी के विचारों से अवगत कराया।
- उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने वेदों की ओर लौटने और समाज सुधार का संदेश दिया, वहीं संत रविदास जी ने समानता, प्रेम और आध्यात्मिकता की शिक्षा दी।
- छात्रों ने भजन गाए और प्रेरणादायक प्रसंग सुने, जिससे वे इन महापुरुषों के दिखाए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित हुए।
विशेष आकर्षण
- विद्यालय में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों और शिक्षकों ने धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया।
- प्राचार्या कुमकुम कुमारी ने भजन प्रस्तुत कर सभी को प्रेरित किया।
- सभी ने महापुरुषों के विचारों का अनुसरण करने का संकल्प लिया।
संस्कार और शिक्षा का समन्वय
विद्यालय के इस आयोजन ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, महान संतों के विचारों और जीवन मूल्यों से परिचित कराया। इस तरह के कार्यक्रम छात्रों में नैतिकता, सामाजिक समानता और आध्यात्मिकता का विकास करते हैं।

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