पांच दिवसीय एनसीडी प्रशिक्षण का समापन, आशाकर्मियों को सौंपी नई जिम्मेदारियां
झाझा, 19 फरवरी 2025 : झाझा प्रखंड के दादपुर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में पांच दिवसीय एनसीडी (गैर संचारी रोग) प्रशिक्षण का समापन बुधवार को किया गया। यह प्रशिक्षण रेफरल सह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झाझा के तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसमें क्षेत्र की आशाकर्मियों को एनसीडी (Non-Communicable Diseases) से जुड़ी जानकारी और तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।
घर-घर जाकर होगी मरीजों की जांच
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, अब आशाकर्मी घर-घर जाकर रोगियों की पहचान करेंगी। इसके बाद सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) और एएनएम (सहायक नर्स मिडवाइफरी) रोगियों की जांच उनके घर जाकर करेंगी, जिससे बीपी, डायबिटीज, कैंसर जैसी बीमारियों का समय रहते उपचार संभव हो सके।
स्वास्थ्य प्रबंधक सुभाष चंद्र ने बताया कि आशाकर्मियों के साथ-साथ एएनएम को भी एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया ताकि क्षेत्र में काम करने के दौरान यदि आशा को किसी भी तरह की परेशानी हो, तो एएनएम उनकी सहायता कर सके।
एनसीडी ऐप के माध्यम से डिजिटल डाटा संग्रहण
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य गैर संचारी रोगों (एनसीडी) का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है। आशाकर्मियों को एनसीडी ऐप के माध्यम से मरीजों का डाटा अपलोड करने की ट्रेनिंग दी गई।
स्वास्थ्य प्रबंधक ने बताया कि एनसीडी ऐप के जरिए पारिवारिक फोल्डर तैयार करना है, जिसमें डायबिटीज, बीपी, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों का डाटा संग्रहित किया जाएगा।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, सभी आशाकर्मियों को आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए गए। अब आशा अपने मोबाइल के माध्यम से एनसीडी रोगियों का डाटा ऐप पर अपलोड करेंगी। अपलोड किए गए डाटा को एएनएम और सीएचओ द्वारा जांच और उपचार के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आयाम
इस प्रशिक्षण से गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई दिशा मिलेगी। डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड से मरीजों की सही पहचान और उचित इलाज संभव हो सकेगा। साथ ही, गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों को समय पर स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य प्रबंधक ने बताया कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी और गैर संचारी रोगों की पहचान व रोकथाम में सहूलियत होगी।

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