जमुई की सनातनी टोली लगाई महाकुंभ में आस्था की डुबकी
जमुई, 25 फरवरी 2025 : महाकुंभ 2025 के 43वें दिन (सोमवार) को स्वामी निरंजनानंद योग केंद्र के प्रधान स्वामी आत्मस्वरूप के पावन सानिध्य में जमुई की सनातनी टोली ने संगम के त्रिवेणी घाट पर आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा, यमुना और सरस्वती को नमन करते हुए स्नान और पूजन किया। इस दौरान रुद्राक्ष धारण कर मंत्रोच्चार, धूप-दीप-अगरबत्ती प्रज्वलित कर ईश्वर का आह्वान किया गया। सभी श्रद्धालुओं ने जिले, राज्य और देश की उन्नति एवं समृद्धि की प्रार्थना की।
सनातनी टोली ने किया पूजन और मंत्र जाप
महाकुंभ स्नान के अवसर पर स्वामी आत्मस्वरूप के साथ ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा, राज्य उद्घोषक डॉ. निरंजन कुमार, समाजसेवी राजीव कुमार (अप्पू जी), मनोज कुमार (मंटू जी), आमोद कुमार सिंह (बबलू जी), अर्जुन प्रसाद महतों, रामस्वरूप साह, रमेश प्रसाद गुप्ता, पंकज कुमार सिंह, संतोष कुमार गुप्ता, मातृशक्ति कुसुम सिन्हा, योग शक्ति, संयुक्ता सिंह, पूजा, प्रिया सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
संगम में आस्था की डुबकी लगाने के बाद सनातनी टोली ने भगवान भास्कर को अर्घ्य अर्पित किया और 30 मिनट तक मंत्र जाप करते हुए भगवान सूर्य की पूजा की। भगवा वस्त्रधारी सनातनी टोली की आस्था और भक्ति देखते ही बन रही थी।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
महाकुंभ में आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए ठहरने और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। सोमवार को भी लाखों श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई और स्वयं को धन्य किया। सुबह से लेकर देर रात तक संगम तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती रही।
महाकुंभ: दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम
गौरतलब है कि महाकुंभ 2025 का शुभारंभ 13 जनवरी (पौष पूर्णिमा) को हुआ था। यह विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पुण्य अर्जित करने पहुंच रहे हैं। यह महायोग 26 फरवरी (महाशिवरात्रि) तक जारी रहेगा।
सनातनी टोली ने विंध्याचल और अयोध्या की तीर्थ यात्रा की
महाकुंभ में पुण्य अर्जन के बाद जमुई की सनातनी टोली सोमवार देर रात महान शक्ति पीठ विंध्याचल पहुंची, जहां मंगलवार को विधिवत रूप से मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन और पूजन किया। श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि और शांति की प्रार्थना की।
इसके बाद मंगलवार दोपहर में टोली अयोध्या के लिए रवाना हुई। बुधवार को सरयू नदी में स्नान करने के बाद श्रद्धालु प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली का दर्शन और पूजन करेंगे। धार्मिक यात्रा अभी जारी है।






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