नम आंखों से सेवा निवृत शिक्षक को दी गई विदाई
सोनो/जमुई : शिक्षक समाज का दर्पण है शिक्षक के बिना किसी सभ्य समाज के अस्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा सकती। हर व्यक्ति के जीवन की सफलता बिना गुरु के संभव नहीं, दुनिया के बड़े से बड़े बिजनेसमैन से लेकर बुद्धिजीवियों तक किसी न किसी गुरु के सानिध्य में रहकर खुद को निखारने का प्रयास करते रहे है।
बदलते समयानुसार सरकारी नियमों के तय मानक के अनुसार 60 वर्ष की सेवा अवधि के बाद शिक्षक का यह सफर थम सा जाता। आज हमारे समाज के एक वैसे ही कर्तव्यनिष्ठ और ईमानदार छवि के लिए क्षेत्र के प्रसिद्ध शिक्षक की सेवानिवृत्ति का समारोह उत्क्रमित मध्य विद्यालय तिलवरिया के प्रांगण में मनाया गया।
फरवरी 2012 को बेगूसराय जिला निवासी रामनंदन ठाकुर ने सरधोडीह संकुल अंतर्गत तिलवरिया विद्यालय में नियमित शिक्षक के रूप में योगदान किया। तब से लेकर आज तक जिस प्रकार गांव में रहते हुए उन्होंने बच्चों के बीच अध्ययन अध्यापन का कार्य किया वह अपने आप में किसी मिसाल से कम नहीं।
पूरे 12 वर्षों की समय अवधि में समय से पूर्व विद्यालय आना और विद्यालय समय के पश्चात जाना अपने आप में किसी आदर्श उदाहरण से कम नहीं। शुक्रवार को आयोजित विदाई सह सम्मान समारोह कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिनदयाल प्रसाद बरनवाल द्वारा की गई।
वहीं मंच संचालन उत्क्रमित मध्य विद्यालय ढोंढरी के विद्वान शिक्षक एरशाद आलम ने की, मुख्य अतिथि की भूमिका में डीडीओ सुनील कुमार सिंह उपस्थित रहे। अन्य अतिथियों में उत्क्रमित उच्च विद्यालय सरधोडीह संकुल के संचालक नीरज कुमार, उत्क्रमित मध्य विद्यालय डुमरी के प्रधानाध्यापक निरंजन कुमार भी मंच पर उपस्थित थे।
विदाई समारोह में प्रखंड अध्यक्ष लखन मंडल, शिक्षिका किरण कुमारी, अर्चना कुमारी, शिक्षक गुफरान अंसारी, मोहम्मद हनीफ अंसारी, प्रभास कुमार दास, भास्कर बरनवाल, राकेश कुमार टंडसी, विनोद कुमार, अंजनी प्रसाद, संजय प्रसाद राय, राजेंद्र मंडल, गणेश मंडल, मोहम्मद मकसूद आलम, विकास कुमार सहित दर्जनों से अधिक शिक्षकों ने नम आंखों से सेवानिवृत शिक्षक को विदाई दी।
आयोजित कार्यक्रम में सेवानिवृत शिक्षक के प्रति अपना सम्मान प्रदर्शित करते हुए उपस्थित सदस्यों ने अंग वस्त्र और उपहार दे रामनंदन ठाकुर को यादगार पलों के साथ उनके जीवन के अगले सफर के लिए रवाना किया।

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