झाझा में मेमूकारशेड सहित अन्य रेलवे विभागों का महाप्रबंधक ने किया निरीक्षण
🔹रेलयात्रियों को बेहतर सेवा देना हमलोगों का है दायित्व - महाप्रबंधक
झाझा/जमुई : रेलवे हाजीपुर जोन के महाप्रबंधक तरूण प्रकाश अपने विशेष सैलून से झाझा पहुंचे। इस दौरान उन्होनें रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्य की जानकारी साथ में चल रहे दानापुर रेल मंडल के एडीआरएम आधार राज से लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होनें रेलवे मेमूकार शेड पहुंचा जहां गाड़ियों के कोच के रख- रखाव सहित कितने मेमू सवारी गाड़ी का रख रखाव होता है इसकी जानकारी सीनियर डी संजीव कुमार से लिया।
इस दौरान रेलकर्मियों से भी उन्होनें कोच के रख- रखाव के कार्य करने का तरीका लिया जिसमें कुछ कमी भी देखी गई। इस दौरान रेलकर्मियों को मिलने वाली प्रशिक्षण नही मिलने पर महाप्रबंधक ने नाराजगी भी जताई।
निरीक्षण के बाद उन्होनें रेलयात्रियों से लेकर रेलकर्मियों के हीत में होने वाले सभी सकरात्मक कार्यो के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि इस भीषण गर्मी में रेलकर्मियों की सुरक्षा रखना भी रेलवे का दायित्व है ऐसे में उनलोगों को और क्या संसाधन मुहैया हो इसकी भी जानकारी ले रहे है। साथ ही साथ रेलयात्रियों के सुविधाओ का भी लगातार निरीक्षण कर रहे है।
उसके बाद उन्होनें क्रूलोबी का निरीक्षण किया जिसमें वहां के इचार्ज से गाड़ी के आगमन, प्रस्थान से लेकर चालक, उपचालक, गार्ड को कैसे सूचना देना सहित गाड़ी के परिचालन कार्य सहित अन्य कई तरह की जानकारी ली।
इसके अलावे पटना हावड़ा मुख्य रेलखंड पर तीसरी और चैथी रेलवे लाइन के विस्तार पर उन्होनें कहा कि इस ओर पहल किया जा रहा है। इसके अलावे झाझा बटिया रेलवे लाइन पर उन्होनें कहा कि यह प्रक्रिया अपने चरम पर है राशि आवंटन होने के बाद कार्य करवाया जाएगा। लगभग आधा घंटा से अधिक समय तक क्रूलोबी में मौजूद रेलकर्मियों से अलग अलग तरह के होने वाले कार्यो की जानकारी विस्तारपूर्वक लिया।
झाझा रेलवे स्टेशन पर कोच इंडिकेटर, डाउन प्लटेफार्म पर शौचालय की व्यवस्था, अप प्लेटफार्म पर यात्रियों के लिए शेड अन्य कई ऐसे छोटी छोटी संसाधन जिससे रेलयात्रियों को लाभ मिल सके इसके बारे में महाप्रबंधक ने कहा कि जो भी संसाधन की कमी है उसे दूर कर दिया जाएगा।
रेलवे फुट ओवर ब्रीज के अधूरे रहने पर उन्होनें कहा कि हमलोग उसका निरीक्षण करके देखेगें कि इस ब्रीज को पूरा करने में जो भी परेशानी आ रही है उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
ब्रिटिश काल से झाझा में बने तीन रेलवे तालाब की स्थिति दयनीय होने के सवाल उन्होनें कहा कि यहां पर मछली पालन का टेंडर निकाला जाएगा और तालाब का सौंदर्यीकरण भी करवाने का प्रयास रहेगा।

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