बिहार में गर्मी से 80 से ज्यादा स्टूडेंट बेहोश, मौसम विभाग ने अगले 2 दिन के लिए जारी किया हीट वेव का गंभीर अलर्ट - City Channel

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Wednesday, May 29, 2024

बिहार में गर्मी से 80 से ज्यादा स्टूडेंट बेहोश, मौसम विभाग ने अगले 2 दिन के लिए जारी किया हीट वेव का गंभीर अलर्ट

मौसम : बिहार में गर्मी से 80 से ज्यादा स्टूडेंट बेहोश, मौसम विभाग ने अगले 2 दिन के लिए जारी किया हीट वेव का गंभीर अलर्ट

🔹सीएम के अधिकारी के तुगलकी फरमान से बच्चे बीमार : चिराग 

🔹भीषण गर्मी में स्कूल बंद करें, सीएम की भी बात नहीं मानते अफसर : तेजस्वी 

🔹शिक्षकों को परेशान कर रहे के के पाठक : मुकेश सहनी

पटना : बताते चलें कि इस समय बिहार भीषण गर्मी की चपेट में हैं। भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ रहा है। वहीं भीषण गर्मी की वजह से 8 जिलों में 80 से ज्यादा स्टूडेंट्स बेहोश हो गए। इस बीच स्कूल की टाइमिंग में बदलाव को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। इसे लेकर अब बिहार में अब सियासी बयानबाजी भी तेज हो चली है।


जहां नेता प्रतिपक्ष और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के साथ - साथ मुकेश सहनी ने भी भीषण गर्मी में स्कूल खोले जाने को लेकर के के पाठक के फैसले पर आपत्ति जताई है।

वहीं चिराग ने कहा कि इस तपती गर्मी में स्कूल खुले रहने से बच्चों की सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। लगातार गर्मी के कारण स्कूलों में बच्चे परेशान हो रहे हैं। यह गंभीर विषय है। इसे गंभीरता से लेना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि सीएम के सरकारी अधिकारी के तुगलकी फरमान की वजह से बच्चें बेहोश हो रहे हैं। प्रति दिन अस्पतालों में इलाज चल रहा है।  जिसपर चिराग ने कहा कि ये कोई अत्याचार से कम नहीं हैं। नैतिकता के आधार पर जरूरी है बच्चों की सेहत का देखभाल करना। इस बीच उन्होंने सीएम नीतीश से अपील की है कि इस भीषण गर्मी को देखते हुए बिहार के सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की जाए। अगर कहीं पर भी कोई लापरवाही है, इसमें जो भी अधिकारी बाधक हैं। उस पर भी कार्रवाई करनी चाहिए।। इस बात को बिहार सरकार सुनिश्चित करें।

वहीं दूसरी ओर तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में लोकतंत्र और सरकार नहीं रह गई है। सिर्फ ब्यूरोक्रेसी रहा है। अफसरशाही चरम सीमा पर है। आप तो जानते हैं कि स्कूल की टाइमिंग को लेकर के मुख्यमंत्री की बात को भी नहीं मानी गई। तेजस्वी ने पूछा है कि मुख्यमंत्री इतने कमजोर क्यों हो गए हैं। छोटे बच्चों का ध्यान उनको देना चाहिए। इस हालत में मुख्यमंत्री कुछ कर ही नहीं पा रहे हैं। इनको लोगों ने घेर रखा है। अब उनके हाथ में कुछ नहीं रह गया।

वहीं, इस मामले पर मुकेश सहनी ने कहा कि के के पाठक को हम पहले अच्छा अफसर समझते थे। पहले उन्होंने कई अच्छे फैसले लिए, लेकिन हाल के दिनों में उनका जो निर्णय हो रहा है, वो शिक्षकों को परेशान कर रहा है।

सहनी ने आगे कहा कि के के पाठक अपना अपना वर्चस्व कायम करना चाहते हैं। यह सारी चीज कहीं न कहीं सही नहीं है। पूरे देश लेवल पर देखना चाहिए कि जिस तरह की पढ़ाई हो रही है। उसी तरह का बिहार में भी होना चाहिए। इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को संज्ञान लेना चाहिए, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौन हैं।


शिक्षक संघ ने सीएम नीतीश से तुरंत एक्शन लेने की मांग की : 

शिक्षक संघ के नेता राजू सिंह ने कहा कि बिहार में कई जिलों का तापमान 44 डिग्री को पार कर गया है। सरकारी स्कूल में बच्चे रोज बेहोश हो रहे हैं। लेकिन शिक्षा विभाग में जो हिटलर बैठा हुआ है। वो बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। शिक्षक संघ इस मामले में सीएम नीतीश से तुरंत एक्शन लेने की मांग करता है।

बता दें कि गर्मी की वजह से बेगूसराय, शेखपुरा, सीवान, भागलपुर, मुंगेर, जमुई, बांका और कटिहार में कुल 80 से ज्यादा स्टूडेंट स्कूल में बेहोश हो गए। इन्हें इलाज के लिए आनन-फानन में अस्पताल लाया गया।


वहीं बेगूसराय में गर्मी से कुल 41 बच्चे बेहोश हुए। मटिहानी प्रखंड क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय मटिहानी में बुधवार को गर्मी के कारण 20 से अधिक छात्र-छात्राएं बेहोश हो गए। इसके अलाव बलिया के विवेकानंद पब्लिक स्कूल में 5 उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय अमरपुर में 1 और बखरी प्रखंड के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहनपुर में 15 बच्चों की तबीयत गर्मी से खराब हो गयी है।

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