50 फुट नीचे खिसका भू जल स्तर, जल संकट अलीगंज मे पेयजल के लिए मचा हाहाकार, सूखे पडे है चापाकल व तालाब, दुर से ला रहे पान
अलीगंज/जमुई : गर्मी के साथ ही अलीगंज प्रखंड क्षेत्र मे भीषण जल संकट गहरा गया है। पानी का लेयर 50 फीट नीचे चला गया है। अभी के हालात मे 80-90 फीट पर पानी है। इस भीषण गर्मी मे तेजी पानी के लेयर नीचे खिसक रहा है।
इस कारण ग्रामीण इलाके मे पानी की भयंकर किल्लत शुरू हो गई है। अब तक पीएचईडी व जिला प्रशासन के द्वारा कोई तैयारी नही दिख रही है। नल जल योजना रूपये की बंदरबांट या कमीशनखोरी के चक्कर में बनते ही दम तोड दिया था। इस कारण पानी की किल्लत दुर हो पाना इस भीषण गर्मी मे भी संभव नही दिख रहा है।
तालाब नदी व नहर सूखने के कारण जानवरो को भी पानी के लिए परेशानी बढ गई है। पिछले एक महीने से सूरज आग उगल रहा है। लिहाजा मुशकिले कम होती नही दिख रही है।
चापाकल सूखे, जलमीनार बना दिखावा :
अलीगंज प्रखंड के कई गांवो में समुचित पेयजल व्यवस्था नही है। सार्वजनिक स्थल पर चापाकल की भारी कमी है। महज दो साल पहले प्रखंड के विभिन्न चौक चौराहों पर अलग-अलग मद से दर्जनों चापाकल लगाये गए थे। तब लोगों को लगा था कि प्रखंड क्षेत्र मे पेयजल के लिए राहगीरो को भटकना नही पड़ेगा।
लेकिन बढ़ती गई अनियमिता के कारण अधिकांश चापाकल दम तोड दिया है और कुछ खराब पडे है। इतना ही सिस्टम की लापरवाही के कारण पाईप रह गये और हेड गायब हो गया।प्रखंड क्षेत्र मे कूछ गिने चुने स्थानों पर चापाकल नजर आ रहे है।
वहीं स्थानीय लोगों की मेहरबानी पर जिन्दा नजर आ रहे है। अतिपिछडा प्रखंड होने के नाते इस प्रखंड मे करोड़ो रुपये की लागत से अस्पताल परिसर मे विशालकाय पानी टंकी लगभग बीस हजार गैलेन वाली का निर्माण हूआ था।फिर भी अलीगंज बाजार मे आये दुर तक ही पानी पाईप बिछाकर संवेदक अपना कोरम पूरा चलते बने।
नतीजतन आधे लोगों को अलीगंज बाजार में पानी मिलती है। आधी आबादी पानी के लिए रोज पानी पानी हो रहे है। यही हाल प्रखंड के 13 पंचायतो में है। लाखो रूपये की लागत से बना पानी टंकी है। निर्माण के बाद से ही पानी टंकी घरो तक नल से जल पहूचाने के बजाय पानी टंकी ही बुन्द-बुन्द पानी के लिए तरस रहा है।
ग्रामीण इलाके मे स्थिति और भी बदतर परेशान है लोग :
पेयजल की समस्या गांव मे भी एक जैसी दिख रही है। गांव-गांव में पंचायत व विधायक मद से लगाये गये चापाकल मरम्मत व उखाडना व गाड़ने के आभाव में जमींदोज हो गया है। नियम को ताक पर रखकर लगाये गये चापाकल में अधिकांश पर लोगों ने नीजि संपति बना लिया है और एक व्यक्ति विशेष का कब्जा जमा लिया है।
इस कारण समस्या घटने के बजाय बढते चली गई। अभी भी एक-एक चापाकल पर सैकड़ो की आबादी निर्भर है। खासकर यह समस्या दलित व महादलित बस्ती मे ज्यादा है। जितने भी चापाकल है पानी के लेयर नीचे चले जाने के कारण सूख गये है।
डीएम के आश्वासन के बाद भी समस्या का नही हुआ सामाधान :
ग्रामीण ञिलोकी पासवान, अर्जुन सिंह, सुरेश यादव, कारू मांझी, परशुराम मांझी, प्रदीप मांझी, सरिता देवी, महादेव पासवान सहित कई ग्रामीणो ने बताया कि बीते दिनों कलेक्टर साहब शिकायत के बाद कैयार, दरखा, पुरसंडा, दिननगर, इस्लामनगर, कोदवरिया हिलसा सहित दर्जनो गांव के महादलित परिवार के पानी की ज्वलंत समस्याओ को लेकर आवेदन देकर उनका ध्यान आकृष्ट कराया था।
तब वे खुद प्रखंड के कई गांव मे जाकर नल जल की स्थिति का आकलन किया था, और आश्वासन दिया था कि एक सप्ताह में आपकी समस्या का समाधान हो जाएगा। कुल मिलाकर प्रखंड से लेकर गांव तक कोई सकारात्मक पहल नही किया जा रहा है। नल जल योजना मे पानी के तरह बर्बाद - सरकार की महत्वकांक्षी सात निश्चय योजनाओ के तहत संचालित हर घर नल जल योजना अलीगंज प्रखंड क्षेत्र के पंचायतो मे घरातल पर दम तोड़ता दिखाई दे रहा है।
इस योजना से घरो मे नल के सहारे पानी पहुंचाना है लेकिन हकीकत यह है कि लुट खसोट के चक्कर मे सरकार के मनसूबा पर ही पानी फिर गया है। सालो पूर्व शुरू हुआ इस योजना का हालात ये है कि कुछ छोड़कर अधिकांश फेल होकर सिर्फ दिखावा का पानी टंकी है लेकिन पानी नही।
योजना की शुरुआत के समय ग्रामीणो में काफी खुशी थी कि अब पानी के लिए दिक्कत नही होगी, लेकिन यह योजना अब गांव की सिर्फ शोभा की वस्तू बनकर रह गई है। इस योजना के तहत न तो सामग्री के मानक का पालन हुआ और न ही नियम के अनुसार काम हुआ है। हर वार्ड मे लाखो रूपये खर्च किये लेकिन हकीकत यह है कि संवेदक व अधिकारियो तथा जनप्रतिनिधियो के लिए सिर्फ कामधेनु बनकर रह गई।
पीएचईडी विभाग के कनीय अभियंता मिथुन कुमार ने बताया कि चापाकल खराब को ठीक किया जा रहा है।कूछ पानी टंकी खराब है जिसे भी ठीक कराया जा रहा है।

No comments:
Post a Comment