पटना में जिला पर्यावरण टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित.
पटना, 11 फरवरी 2025: पटना के जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण, वन संपदा की सुरक्षा, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और अवैध खनन व कटाई पर सख्त कार्रवाई को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्त प्रतिबंध
बैठक में सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने पर जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले प्लास्टिक उत्पादों की बिक्री, भंडारण और उपयोग पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख निर्देश:
- सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादन, बिक्री और उपयोग पर नजर रखने के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी।
- बाजारों, दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण किया जाएगा।
- प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों पर आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- प्लास्टिक के विकल्प के रूप में कागज और कपड़े के थैले प्रोत्साहित किए जाएंगे।
अवैध कटाई और खनन पर कड़ी निगरानी
बैठक में जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जिले में अवैध पेड़ कटाई और खनन पर कड़ी नजर रखें।
प्रमुख निर्णय:
- जंगलों में अवैध कटाई रोकने के लिए गश्ती दल को सक्रिय किया जाएगा।
- अवैध खनन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई होगी।
- अवैध कटाई और खनन में संलिप्त व्यक्तियों और माफियाओं पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- वन क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन के जरिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।
जंगली जानवरों से फसल क्षति पर मुआवजा योजना
बैठक में जिलाधिकारी ने किसानों को राहत देने के लिए फसल क्षति मुआवजा योजना पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि यदि जंगली जानवरों के कारण किसी किसान की फसल को नुकसान होता है, तो वह मुआवजे के लिए आवेदन कर सकता है।
कैसे मिलेगा मुआवजा?
- किसान को अपने क्षेत्र के जिला वन पदाधिकारी (DFO) के पास आवेदन जमा करना होगा।
- आवेदन के साथ फसल क्षति की तस्वीरें और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान प्रस्तुत करने होंगे।
- जिला प्रशासन और वन विभाग की टीम द्वारा स्थल निरीक्षण कर क्षति का आकलन किया जाएगा।
- सत्यापन के बाद प्रभावित किसान को सरकारी मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
सार्वजनिक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय
बैठक में यह भी तय किया गया कि पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरित करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
जागरूकता अभियान में शामिल गतिविधियाँ:
- स्कूलों और कॉलेजों में पर्यावरण शिक्षा पर सेमिनार
- ग्राम पंचायतों में जागरूकता रैलियाँ और पोस्टर अभियान
- सामाजिक संगठनों के सहयोग से वृक्षारोपण कार्यक्रम
- स्वच्छता अभियान और प्लास्टिक मुक्त अभियान का संचालन
निष्कर्ष
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि पर्यावरणीय नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पटना जिले को पर्यावरणीय दृष्टि से स्वच्छ और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
महत्वपूर्ण घोषणाएँ:
- सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई
- अवैध खनन और अवैध कटाई पर विशेष निगरानी टीम
- किसानों को फसल क्षति मुआवजा योजना का लाभ
- सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे हर महीने पर्यावरण संरक्षण से संबंधित योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि पटना को एक स्वच्छ, हरित और प्लास्टिक मुक्त जिला बनाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा।


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