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Tuesday, February 25, 2025

संगम में स्नान कर जीवन हुआ धन्य, महाकुंभ की भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा से अभिभूत हुए श्रद्धालु

संगम में स्नान कर जीवन हुआ धन्य, महाकुंभ की भव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा से अभिभूत हुए श्रद्धालु


सिटी संवाददाता : अभिषेक सिन्हा

जमुई, 25 फरवरी 2025 : प्रयागराज से लौटकर महाकुंभ 2025 में शामिल होकर संगम में आस्था की डुबकी लगाने वाले श्रद्धालु इस पवित्र धार्मिक यात्रा का अनुभव साझा कर रहे हैं। बरहट प्रखंड के मलयपुर पंचायत निवासी पत्रकार अभिषेक कुमार सिन्हा एवं विभास चंद्र सिंह अपने परिवार के साथ महाकुंभ से वापस लौटे और वहां की भव्यता, आध्यात्मिक वातावरण एवं स्वच्छता व्यवस्था की सराहना की।

महाकुंभ में अद्भुत अनुभव

अभिषेक कुमार सिन्हा और विभास चंद्र सिंह ने बताया कि वे अपनी पत्नी, भाई और दोस्तों के साथ प्रयागराज पहुंचे, जहां उन्होंने त्रिवेणी संगम में स्नान कर मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त किया। संगम स्नान के दौरान हर-हर महादेव और हर-हर गंगे के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी माता का अनुष्ठान किया और दीपदान कर संगम की आराधना की। उन्होंने कहा, "महाकुंभ का नजारा इतना दिव्य और अलौकिक था कि ऐसा लगा मानो हम किसी अन्य आध्यात्मिक लोक में पहुंच गए हों।"

महाकुंभ की भव्यता और स्वच्छता ने किया प्रभावित

श्रद्धालुओं ने महाकुंभ की व्यवस्थाओं, स्वच्छता और सुरक्षा प्रबंधन की सराहना की। पूरे मेले में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया था और प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराई गई थी

उन्होंने बताया कि महाकुंभ भारतीय संस्कृति, परंपरा और भक्ति का एक अद्वितीय संगम है। यहां देशभर से आए संत, महात्मा, अखाड़े और श्रद्धालु एक साथ मिलकर धर्म और अध्यात्म का संदेश दे रहे थे

संगम स्नान से आत्मिक शांति

श्रद्धालुओं ने कहा कि महाकुंभ में स्नान करने के बाद मन में एक अद्भुत शांति और प्रसन्नता का अनुभव हुआ। इस पावन अवसर पर उन्होंने अपने परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की।

अभिषेक कुमार सिन्हा और विभास चंद्र सिंह ने बताया कि महाकुंभ का यह अनुभव अविस्मरणीय रहेगा और वे आने वाले कुंभ मेलों में भी भाग लेने की इच्छा रखते हैं

महाकुंभ: आस्था, परंपरा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संगम

महाकुंभ न केवल एक धार्मिक आयोजन है बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीक भी है। श्रद्धालुओं ने कहा कि यहां आकर उन्होंने भारतीय सभ्यता की अनोखी छटा देखी और भक्ति, साधना एवं सेवा का अद्भुत संगम महसूस किया

महाकुंभ में उमड़ी आस्था की लहर

महाकुंभ 2025 में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु संगम में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। यह आयोजन 26 फरवरी को महाशिवरात्रि स्नान के साथ संपन्न होगा

श्रद्धालुओं का कहना है कि महाकुंभ केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि आत्मिक शुद्धि और मोक्ष प्राप्ति का अवसर भी है। संगम स्नान कर लौटे श्रद्धालु अब अपने अनुभवों को बांटकर अन्य लोगों को भी इस आध्यात्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

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