बेतिया जिलाधिकारी ने फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का शुभारंभ, खुद दवा खाकर जागरूकता का दिया संदेश - City Channel

Breaking

Tuesday, February 11, 2025

बेतिया जिलाधिकारी ने फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का शुभारंभ, खुद दवा खाकर जागरूकता का दिया संदेश

बेतिया जिलाधिकारी ने फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का शुभारंभ, खुद दवा खाकर जागरूकता का दिया संदेश

बेतिया, 11 फरवरी 2025: जिलाधिकारी श्री दिनेश कुमार राय ने फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा (अल्बेंडाजोल और डीईसी) का सेवन कर अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर संक्रामक रोग है, जिसे समय रहते रोका जा सकता है, और इसके लिए सभी को दवा का सेवन करना आवश्यक है।

अभियान की प्रमुख बातें:

  • अभियान की अवधि: 10 फरवरी से 27 फरवरी 2025
  • कैसे चलेगा अभियान:
    • आशा कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को अल्बेंडाजोल और डीईसी की गोली खिलाएंगी।
    • यह दवा बिना किसी शुल्क के दी जाएगी।
    • गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों और दो साल से छोटे बच्चों को यह दवा नहीं दी जाएगी।

फाइलेरिया रोग और इसका प्रभाव:

फाइलेरिया मच्छरों से फैलने वाली एक परजीवी बीमारी है, जो शरीर में संक्रमण फैलाकर हाथ-पैर और अन्य अंगों में सूजन (हाथीपांव) का कारण बनती है। यह रोग आजीवन विकलांगता का कारण बन सकता है। फाइलेरिया की दवा साल में एक बार सेवन करने से इस रोग से बचाव संभव है।

जिलाधिकारी की अपील:

श्री दिनेश कुमार राय ने जिलेवासियों से अपील की कि फाइलेरिया उन्मूलन में सहयोग करें और बिना किसी झिझक के दवा का सेवन करें। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों में दवा लेने के बाद हल्के लक्षण जैसे चक्कर आना या सिरदर्द हो सकता है, लेकिन यह संकेत है कि दवा प्रभावी रूप से काम कर रही है और शरीर से संक्रमण को खत्म कर रही है।

फाइलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य:

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि 100% लोगों को दवा खिलाकर जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, स्वयंसेवी संगठन और स्थानीय प्रशासन मिलकर अभियान को सफल बनाने में सहयोग कर रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही व्यवस्थाएं:

  • प्रशिक्षित आशा और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर दवा वितरण।
  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाना।
  • स्वास्थ्य केंद्रों और विद्यालयों में भी दवा वितरण सुनिश्चित करना।
  • स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़कर जनजागरूकता बढ़ाना।

अभियान का महत्व:

फाइलेरिया उन्मूलन भारत सरकार की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2030 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस अभियान के सफल संचालन से जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने के निर्देश दिए और जनता से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की।


No comments:

Post a Comment

Pages