जमुई जिले में नीलाम पत्र वाद एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित
🔹समाहरणालय में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण बैठक, भूमि एवं राजस्व कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
सिटी ब्यूरो रिपोर्ट : राजीव रंजन/राकेश कुमार
जमुई, 11 फरवरी 2025 : जमुई जिला प्रशासन ने नीलाम पत्र वाद एवं राजस्व मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें जिले में लंबित राजस्व मामलों के समाधान, भूमि विवादों के त्वरित निपटारे, अवैध जमाबंदी की रोकथाम और राजस्व वसूली की स्थिति पर गहन चर्चा की गई।
यह बैठक जिला पदाधिकारी श्रीमती अभिलाषा शर्मा (भा.प्र.से.) के निर्देशानुसार अपर समाहर्ता की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इसमें जिला स्तरीय नीलाम पत्र पदाधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा, सभी अंचलाधिकारी (CO) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।
बैठक में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
1. लंबित नीलाम पत्र वादों के त्वरित निष्पादन पर जोर
नीलाम पत्र वाद यानी भूमि एवं राजस्व संबंधी मामलों में अपील और न्यायिक प्रक्रिया के तहत लंबित मामलों की समीक्षा की गई।
- अपर समाहर्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाया जाए।
- प्रशासन ने स्पष्ट किया कि भूमि विवादों और दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में देरी से आम जनता को असुविधा होती है, इसे जल्द से जल्द सुलझाया जाए।
- सभी अंचल अधिकारियों को प्रत्येक माह लंबित मामलों की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।
2. अवैध जमाबंदी की पहचान और निराकरण
अवैध जमाबंदी यानी सरकारी या गैर-सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर जिला प्रशासन सख्त नजर आ रहा है।
- जिले में अवैध रूप से जमीन हड़पने और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से की गई जमाबंदी की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए।
- अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे प्रत्येक प्रखंड में जमीन के स्वामित्व की जांच करें और अवैध जमाबंदी को समाप्त करें।
- राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को फर्जी रजिस्ट्री और अवैध कब्जे की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
3. राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश
राजस्व वसूली सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है। इस संदर्भ में समीक्षा बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए:
- लंबित राजस्व वसूली को प्राथमिकता दी जाए और सरकारी खजाने को होने वाले नुकसान को रोका जाए।
- प्रत्येक अंचलाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे अपने क्षेत्र में लंबित राजस्व मामलों की सूची तैयार करें और त्वरित कार्रवाई करें।
- जिन लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा है या किराए की वसूली नहीं की है, उनसे तुरंत वसूली की जाए।
4. जनता को न्याय दिलाने पर विशेष जोर
जमुई जिला प्रशासन ने साफ कहा कि भूमि विवादों और दाखिल-खारिज मामलों को जल्द से जल्द हल किया जाएगा, ताकि जनता को न्याय मिल सके।
- अधिकारियों को ऑनलाइन दाखिल-खारिज मामलों की मॉनिटरिंग करने और जनता को पारदर्शी सेवा देने का निर्देश दिया गया।
- जनता दरबार में आने वाली शिकायतों को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी।
बैठक में दिए गए मुख्य निर्देश:
- लंबित दाखिल-खारिज मामलों का त्वरित निपटारा किया जाए।
- अवैध जमाबंदी की सूची तैयार कर फर्जी दस्तावेजों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
- राजस्व वसूली की रफ्तार बढ़ाई जाए और बकाएदारों से तुरंत वसूली की जाए।
- नीलाम पत्र वादों का समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाए।
- प्रत्येक माह की प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाए।
अपर समाहर्ता का निर्देश
अपर समाहर्ता ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि भूमि विवादों और दाखिल-खारिज से जुड़ी समस्याओं को पारदर्शी तरीके से हल किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जमुई जिले में भूमि सुधार कार्यों को और तेज किया जाएगा ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
निष्कर्ष:
जिला प्रशासन ने यह स्पष्ट कर दिया कि राजस्व और भूमि मामलों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- अवैध कब्जों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी।
- दाखिल-खारिज और भूमि विवादों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा।
- राजस्व वसूली को प्रभावी बनाया जाएगा।
इस बैठक से साफ है कि अब जमुई जिले में भूमि एवं राजस्व संबंधी कार्यों में पारदर्शिता और गति लाई जाएगी।

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