जमुई में हीट वेव का हाई अलर्ट: 46 डिग्री तक पहुंचेगा तापमान, डीएम ने बुलाई हाई लेवल बैठक
🔻दोपहर 12 से 3 बजे तक घर से बाहर न निकलने की अपील, अस्पतालों में हीट स्ट्रोक वार्ड और जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में।
सिटी संवाददाता : प्रो० रामजीवन साहू की रिपोर्ट
जमुई : जमुई जिले में लगातार बढ़ते तापमान, संभावित भीषण हीट वेव (लू) और सूखे जैसी गंभीर परिस्थितियों की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। गुरुवार को समाहरणालय स्थित सभा-कक्ष में जिला पदाधिकारी नवीन व पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले की आपदा प्रबंधन तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार 21 मई से 26 मई तक जिले में भीषण लू चलने की प्रबल संभावना है। इस दौरान तापमान 41 डिग्री से बढ़कर 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसे देखते हुए जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने जिले में सुदृढ़, संवेदनशील और त्वरित कार्यप्रणाली विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए त्वरित निर्णय, मजबूत अंतर्विभागीय समन्वय और परस्पर सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
यह जिला स्तरीय समीक्षा बैठक राज्य स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के तुरंत बाद आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की थी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में राज्य के सभी जिलों के जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए थे। मुख्यमंत्री द्वारा आम लोगों को भीषण गर्मी से सुरक्षित रखने, प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने तथा कृषि एवं पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर दिए गए निर्देशों के आलोक में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है।
बैठक में जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में उपलब्ध पानी के टैंकरों की वास्तविक क्षमता, अतिरिक्त आवश्यकता और तकनीकी स्थिति का आकलन करें। साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को हर हाल में सुचारु और निर्बाध बनाए रखें। उन्होंने नगर निकायों, प्रखंड प्रशासन और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को बेहतर तालमेल के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि गिरते जल स्तर को देखते हुए ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में खराब पड़े चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कर उन्हें चालू रखा जाए। साथ ही संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों—अलीगंज, सिकंदरा, झाझा और चकाई—में पर्याप्त संख्या में टैंकरों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। जिला पदाधिकारी ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सदर अस्पताल सहित जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में जीवन रक्षक दवाएं, ओआरएस और हीट स्ट्रोक से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष वार्ड की व्यवस्था चौबीसों घंटे उपलब्ध रहे। इसके अलावा सरकारी एम्बुलेंस सेवाओं की निरंतर उपलब्धता और त्वरित क्रियाशीलता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
डीएम ने सभी आंगनवाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में ओआरएस की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। वहीं बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि भीषण गर्मी के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए और किसी भी तकनीकी खराबी या फॉल्ट को तत्काल ठीक किया जाए।
जिला पशुपालन पदाधिकारी को पशुधन के लिए पानी के हौजों की नियमित सफाई और भराई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया, ताकि गर्मी के इस दौर में पशुओं को भी राहत मिल सके।
बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी श्री नवीन ने आम लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की भावुक अपील भी की। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें। बाहर निकलते समय पर्याप्त पानी पिएं तथा अपने साथ पानी की बोतल, छाता, टोपी या तौलिया अवश्य रखें। साथ ही ओआरएस, नींबू पानी, छाछ और पारंपरिक घरेलू पेय पदार्थों का नियमित सेवन करें।
उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या बच्चे को तेज बुखार, चक्कर आना, सिरदर्द, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी या लू के अन्य लक्षण महसूस हों तो बिना किसी लापरवाही के तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जाकर निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्राप्त करें। जिला प्रशासन जिले के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, स्वास्थ्य और राहत को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध और मुस्तैद है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्त्ता रविकांत सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित जिले के सभी वरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता और सभी थानाध्यक्ष मौजूद थे।

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